Kya Hoga Hamara Jab Hogi Machini Yug Ki Shuruaat

Malcolm Frank, Paul Roehrig, Ben Pring

ISBN: 9788126547838

236 pages

INR 299

Description

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आज प्रयोगशाला (और फ़िल्मों) के दायरे से निकलकर आपके आवासीय परिसर में प्रवेश कर चुकी है। इसकी मौजूदगी अब आपके घर में है। यह आपके दफ़्तर में भी मौजूद है। बात चाहे एलेक्सा की हो, या फिर नेस्ट या सिरी अथवा उबर या फिर वेज़ की हो, हम अत्यधिक शक्तिशाली व खुद से सीखनेवाले सॉफ्टवेयर प्लैटफ़ॉर्म से घिरे हुए हैं। और यह तो बस शुरुआत है। मशीनें आज प्रति मिनट हमारे द्वारा किए जाने वाले कार्यों की तुलना में अधिकाधिक कार्य करने में सक्षम हैं। 

प्रस्तावना

अध्याय 1      जब मशीनें ही सबकुछ करें

अध्याय 2      गतिहीनता से अप्रत्याशित उन्नति की ओर

अध्याय 3      संघर्ष अवश्यंभावी है

अध्याय 4      नई मशीन

अध्याय 5      आपके लिए कच्चे माल का बदलता स्वरूप

अध्याय 6      डिजिटल बिजनेस के अलग-अलग मॉडल

अध्याय 7      स्वचालन

अध्याय 8      डेटा का परिमंडल (Halo)

अध्याय 9      तकनीक को उन्नत करें

अध्याय 10    प्रचुरता

अध्याय 11    खोज

अध्याय 12    कोड पर प्रतिस्पर्धा

आभार

तस्वीरों हेतु आभारसूची (Photo Credits)

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